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वैज्ञानिक भर्ती घोटाला : उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद के अपर निदेशक को आरोप पत्र जारी

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शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद (यूपीसीएसआर) की वैज्ञानिक भर्ती मामले में अपर निदेशक व पूर्व प्रभारी निदेशक डॉ. बीएल शर्मा को आरोप पत्र दिया गया है। जांच अधिकारी व विशेष सचिव गन्ना व चीनी आरके मिश्रा ने एक माह के भीतर जवाब मांगा है। 

संगोष्ठी घोटाला, टिशु कल्चर, उपकरण खरीद गोलमाल आदि के लिए बदनाम रहे उप्र गन्ना शोध परिषद में अब वैज्ञानिक भर्ती मामले में गाज गिरनी शुरू हो गई है। अधिक अंक वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में न बुलाए जाने समेत विविध आरोपों के बाबत जांच अधिकारी आइएएस आरके मिश्रा ने तत्कालीन प्रभारी निदेशक व एडी बीएल शर्मा को आरोप पत्र जारी कर दिया है। सहारनपुर के तत्कालीन मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने जांच में गड़बड़ी का खुलासा किया था। यह मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा था, लेकिन शिकायतकर्ताओं को राहत नहीं मिली।

यह है पूरा मामला

यूपीसीएसआर में तीन दर्जन वैज्ञानिकों समेत करीब 95 पद रिक्त थे। तत्कालीन निदेशक डॉ. बख्शीराम के कार्यकाल में विज्ञप्तियां प्रकाशित हुईं। अपर निदेशक बनने के बाद डॉ. बीएल शर्मा को परिषद के प्रभारी निदेशक बना दिया गए। उनके कार्यकाल में ही 19 वैज्ञानिक भर्ती हुए। साक्षात्कार को गठित पैनल में मानक के अनुरूप विशेषज्ञों को शामिल नहीं किया गया। कई आवेदकों को साक्षात्कार का भी मौका नहीं मिला। आवेदक अशोक वर्मा ने कोर्ट में चुनौती देने के साथ शासन से शिकायत की थी। उसके बाद सहारनपुर के तत्कालीन मंडलायुक्त के पास जांच पहुंची।

श्रमिक से वैज्ञानिक बने कार्मिकों का भी मामला उछला

90 के दशक में नौ श्रमिकों को वैज्ञानिक का ओहदा दे दिया गया। पदोन्नति साक्षात्कार में विशेषज्ञ भी नहीं बुलाए गए। अब इन्हें वैज्ञानिक अधिकारी के पद पर पदोन्नति की तैयारी है। इस मामले की भी शिकायत की गई है।

जवाब आने के बाद होगी अग्रिम कार्रवाई

19 वैज्ञानिकों की नियुक्ति के मामले में जांच अधिकारी ने अपर निदेशक डॉ. बीएल शर्मा को आरोप पत्र दिया है। उनका जवाब आने के बाद शासन आगे की कार्रवाई करेगा। हमारा मामले में अभी कोई रोल नहीं है। -डाॅ. ज्योत्स्नेंद्र सिंह, निदेशक उप्र. गन्ना शोध परिषद, शाहजहांपुर