Home अन्य खबर मीमांसा.. जिनमें मैरी कॉम बनने का जुनून

मीमांसा.. जिनमें मैरी कॉम बनने का जुनून

Visitors have accessed this post 139 times.

बरेली : मैरीकॉम का विजयी संघर्ष बॉक्सिंग जगत की उदीयमान खिलाड़ियों का हौसला बढ़ा रहा है। टीम इंडिया के बॉक्सिंग कैंप में पहुंचने वाली नंदिनी पाल के बाद एक और एक ऐसी ही उभरती हुई बॉक्सर हैं मीमांसा पांडेय, जो सुबह साढ़े चार बजे घर से स्टेडियम के लिए निकलती हैं। अभ्यास के बाद स्टेडियम से स्कूल जाती हैं। बमुश्किल सात महीने की इस कसरत का ही नतीजा है कि इस वक्त मीमांसा पंजाब के मोहाली शहर में चल रही सब जूनियर नेशनल चैंपियनशिप प्रतियोगिता खेल रही हैं।

मीमांसा पांडेय सेंट फ्रांसिस स्कूल में कक्षा नौ की छात्रा हैं और स्पो‌र्ट्स स्टेडियम में कोच शैवर खान के अंडर में प्रैक्टिस कर रही हैं। शहर के चाहबाई निवासी अनूप पांडेय और विनीता पांडेय की बेटी मीमांसा बॉक्सिंग को लेकर बेहद जुनूनी हैं। उनकी मां विनीता पांडेय बताती हैं कि वह भोर में उठी जाती हैं। मैं उन्हें स्टेडियम छोड़कर आती। किताबें साथ लेकर जाती, स्टेडियम से ही सीधे स्कूल चली जाती हैं।

यूपी कैंप से चमकी मीमांसा

25 नवंबर तक चली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में मीमांसा ने शानदार प्रदर्शन किया था। उनका चयन यूपी टीम के कैंप में हुआ। फाइनल चयन में मीमांसा ने यूपी टीम में जगह बनाई।

दोनों पहर चलती ट्रेनिंग

मीमांसा की मां बताती हैं कि वह सुबह-शाम दोनों वक्त प्रशिक्षण ले रही हैं। कोच शैवर खान की ही मेहनत है कि चंद महीनों में बेटी नेशनल स्तर तक पहुंच गई। हमे खुशी है कि वह अपने काम को जुनून के साथ कर रही है। वह बॉक्सिंग के क्षेत्र में ही भविष्य बनाना चाहती हैं, परिवार की ओर से उन्हें पूरा सपोर्ट है।

स्टेडियम में बॉक्सिंग की रंगत

इसी साल बॉक्सिंग में कोच शैवर खान की नियुक्ति हुई है। कम समय में उनके दो खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी बनने की तरफ बढ़ गए हैं। शैवर खान का कहना है कि यहां महिला-पुरुष दोनों वर्गो में जुनूनी खिलाड़ी हैं। हमारी कोशिश है कि इन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर का तराशा जाए। दरअसल, शैवर अली अंतरराष्ट्रीय कोच का इम्तिहान भी पास कर चुके हैं। उनकी गिनती देश के शानदार बॉक्सिंग कोच में आती है।