Home बरेली मसाला आंखों पर पर्दा, सामने खड़े अवैध यूनिपोल नहीं दिखे

आंखों पर पर्दा, सामने खड़े अवैध यूनिपोल नहीं दिखे

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बरेली: नगर निगम प्रशासन की कारस्तानी के क्या कहने। बुधवार को शहर में अवैध होर्डिग्स तो हटाए गए लेकिन टीम को सामने खड़े अवैध यूनिपोल दिखे ही नहीं। आंखों पर पर्दा डाले अफसरों ने खुद स्वीकार भी किया कि अभियान के दौरान अवैध यूनिपोल नहीं दिखे। बुधवार को चौकी चौराहा से शराब गोदाम तक लगभग 70 होर्डिग्स, क्योस्क आदि उतारे गए। वहीं, एडवरटाइजर्स ने कार्रवाई का विरोध करते हुए मोहलत देने की मांग की

नगर निगम की टीम ने मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ललितेश सक्सेना के नेतृत्व में अभियान चलाया। अभियान की शुरुआत चौकी चौराहा से हुई। यहां से स्टेशन रोड पर शराब गोदाम तक अभियान चला। टीम की इस कार्रवाई से विज्ञापन करने वाली एजेंसियों के प्रतिनिधियों में खलबली मची। स्टेशन रोड पर विज्ञापन का ठेका लेने वाली फर्म के हितेश अरोरा मौके पर पहुंचे। उन्होंने सीटीओ से विरोध जता दावा किया कि यहां पर सिर्फ 50 क्योस्क लगी हैं।

सीटीओ बोले, 35 की स्वीकृति पर लगाए 70 क्योस्क

सीटीओ ने हितेश से कहा कि नगर निगम से आपको सिर्फ 35 क्योस्क लगाने की अनुमति है, जबकि मौके पर लगभग 70 क्योस्क लगे हैं। स्ट्रीट लाइट के पोलों पर हैंगिंग विज्ञापन की अनुमति नहीं थी। फिर भी लगा दिए। फर्म पर बकाया भी है। इस पर विरोध कर रहे लोगों ने तत्काल पैसा जमा करने की बात कही। आज दोपहर 12 बजे बुलाया ऑफिस

विरोध कर रहे एजेंसी प्रतिनिधियों ने सीटीओ से कुछ दिन की मोहलत देने की मांग की। सीटीओ ने उन्हें गुरुवार दोपहर 12 बजे कागजात लेकर आने को कहा। प्रतिनिधियों ने जब्त क्योस्क देने की मांग की, लेकिन टीम ने साफ मना कर दिया। मकान मालिक और एडवरटाइजर्स को भेजेंगे नोटिस

अपने घरों की छतों पर होर्डिग लगवाने वाले लोगों पर भी सीटीओ ने शिकंजा कसने की तैयारी की है। उन्होंने कहा कि जल्द ही मकान मालिक और एडवरटाइजर्स को नोटिस जारी किए जाएंगे। अभी तक 25 विज्ञापनदाताओं को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि बुधवार के अभियान में अवैध यूनिपोल नहीं मिला।