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बच्ची की मौत पर स्कूल में हंगामा, परिजन बोले-बुखार में लगा दिया मीजल्स रूबेला टीका

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बरेली। स्कूल में मीजल्स रूबेला का टीका लगने के बाद गुरुवार को एक छात्रा की तबीयत बिगड़ गई। मंगलवार को उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि स्कूल वालों ने बुखार में जबरन टीका लगवा दिया, इस कारण मौत हो गई। परिजन शिकायत करने स्कूल पहुंचे तो शिक्षक ने उसे अपने यहां की छात्रा मानने से ही इन्कार कर दिया। उधर, बच्ची की मौत की सूचना पर अन्य छात्रों के अभिभावक भी स्कूल में पहुंच गए। हंगामा करते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम बुलाकर बच्चों की जांच कराने की मांग की। सूचना पर एसीएम व पुलिस मौके पर पहुंच गई।

घरवालों ने टीका लगवाने से किया था इन्कार

मामला पुराना शहर स्थित पैरामाउंट स्कूल का है। छह दिसंबर को स्कूल में बच्चों को मीजल्स रूबेला का टीका लगाया गया। इस दौरान कक्षा तीन में पढऩे वाली सैलानी निवासी मुहम्मद आजम की आठ वर्षीय बेटी हिरा नाज के भी टीका लगा। बच्ची के चाचा शम्मू खान का आरोप है कि टीकाकरण की सूचना स्कूल डायरी में लिखकर आई थी तो बुखार होने के चलते बच्ची को टीका नहीं लगवाने की बात डायरी में लिख दी गई। स्कूल में बच्ची ने भी स्टॉफ से मना किया। फिर भी उसे जबरन टीका लगा दिया गया। इससे उसकी तबीयत बिगड़ी। पहले दो दिन निजी डॉक्टर को दिखाया। फायदा नहीं होने पर खुशलोक अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टर ने स्थिति गंभीर बताकर रेफर कर दिया। फिर लाइफ लाइन अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मंगलवार सुबह स्कूल में जाकर शिकायत की तो स्कूल वालों ने हिरा के स्कूल में पढऩे की बात से ही इन्कार किया। जबकि उनके पास आइकार्ड, रिपोर्ट कार्ड, फीस रसीद आदि सबकुछ है।

परिवार में मचा हड़कंप, घर पर भीड़ जुटी

हिरा की मौत से परिवार में हड़कंप मच गया। पिता सऊदी अरब में नौकरी करते हैं, जबकि वह यहां दादा-दादी, चाचा और अम्मी के साथ रहती थी। बच्ची की मौत पर मुहल्ले के तमाम लोग भी घर पहुंच गए।  

हंगामा होने पर एसीएमओ ने कराया चेकअप

टीका लगने से बच्ची की मौत की सूचना और अभिभावकों के हंगामा करने पर एसीएमओ प्रतिरक्षण डॉ. दीपा सिंह टीम के साथ स्कूल पहुंची। उन्होंने अभिभावकों को समझाया कि टीका लगने से मौत संभव नहीं है। फिर परिजनों के सामने ही जगतपुर सीएचसी का स्टाफ बुलाकर उनके बच्चों का चेकअप कराया। 

कारण जानने को कराएंगे डेथ ऑडिट

टीकाकरण के बाद रिएक्शन की आशंका आधे घंटे तक रहती है। इसके बाद कोई डर नहीं रहता। बुखार या अन्य बीमारी पर टीकाकरण नहीं करना है। इसके स्पष्ट निर्देश है। बच्ची की मौत का कारण जानने के लिए टीम गठित कर दी है। डेथ ऑडिट भी कराया जाएगा।-डॉ. विनीत शुक्ला, सीएमओ

स्कूल की छात्रा नहीं होने की बात गलत

स्कूल में लगभग 450 बच्चे पढ़ते हैं। दो माह पहले स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों ने टीकाकरण अभियान की जानकारी दी। छह दिसंबर को जगतपुर सीएचसी की टीम ने आकर टीकाकरण किया। पहले दिन लगभग 270 और दूसरे दिन 149 बच्चों को टीके लगे। 31 बच्चों के अभिभावकों ने टीका लगवाने से मना किया। स्कूल की छात्रा नहीं होने की बात गलत है।-हामिद हुसैन खान, प्रिंसिपल